सेंसेक्स की बंपर बढ़त से बड़े निवेशक मालामाल, छोटे निवेशकों को निराशा

शुक्रवार को 9:40 बजे सेंसेक्स ने गुरुवार को बने रेकॉर्ड को तोड़ते हुए 36,740.07 का नया सर्वोच्चतम स्तर पा लिया। इससे पहले गुरुवार को सेंसेंक्स 283 पॉइंट की तेजी के साथ 36,548 अंक पर बंद हुआ था। सेंसेक्स की इस तेजी में महंगे शेयरों (ब्लू चिप स्टॉक्स) ने जमकर कमाई की। रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयर 4.42 प्रतिशत उछल गए और ट्रेंडिंग बंद होने का रेकॉर्ड स्तर हासिल कर लिया। इस वजह से रिलायंस इंडस्ट्रीज + 11 साल बाद दोबारा 100 अरब डॉलर का मार्केट कैप हासिल कर सकी।

दरअसल, गुरुवार के कारोबारी सत्र में तेजी का सबसे बड़ा फायदा आरआईएल के शेयरों को ही मिला। शेयर बाजार में आई बहार का फायदा बड़े निवेशकों को ही मिला जबकि छोटे निवेशक इससे महरूम रह गए। इसका कारण यही है कि बाजार की बढ़त कुछ बड़े शेयरों तक ही सीमित रह गई। सेंसेक्स को इतनी लंबी छलांग देनेवाली बढ़त का दायरा इतना छोटा बहुत कम देखने को मिलता है। 

देश की सबसे मूल्यवान कंपनी टीसीएस के शेयरों की कीमत इस वर्ष 49% बढ़ गई। इसी तरह, कोटक महिंद्रा के शेयर 38% चढ़ गए जबकि बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) में लिस्टेड बड़ी कंपनियों इन्फोसिस, एचयूएल और महिंद्रा ऐंड महिंद्रा के स्टॉक्स क्रमशः 28 प्रतिश, 27 प्रतिशत और 25 प्रतिशत मजबूत हुए। इन सभी शेयरों के दाम में बढ़ोतरी का साझा असर यह हुआ कि सेंसेक्स 7 प्रतिशत चढ़ गया।

अब एक और स्थिति पर नजर डालिए। सेंसेक्स के 30 शेयरों के मुकाबले बीएसई 100 इंडेक्स के 100 शेयरों को महज 2 प्रतिशत की मजबूती मिली। मध्यम एवं छोटे आकार की कंपनियों से बनीं बीएसई स्मॉलकैप और मिडकैप इंडिसेज तो क्रमशः 12 प्रतिशत और 15 प्रतिशत कमजोर रहीं। ध्यान रहे कि छोटे निवेशक इन्हीं शेयरों में निवेश करते हैं।
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