रिलायंस Jio घाटे के बाद भी भारतीय डाटा कार्ड बाजार में टॉप पर

नई दिल्ली। रिलायंस जियोफाइ का डाटा कार्ड सेगमेंट में लगातार दबदबा बना हुआ है। बता दें, भारतीय डाटा कार्ड बाजार में साल 2018 की पहली तिमाही में गिरावट देखने को मिली है। इस क्रम में रिलायंस जियो को भी नुकसान उठाना पड़ा है। जियोफाइ डिवाइस की सेल में 24 फीसद की कमी आई है। लेकिन इसके बावजूद रिलायंस जियोफाइ का डाटा सेगमेंट में दबदबा बना हुआ है। मतलब यह है की गिरावट के बाद भी अगर किसी कंपनी ने इस सेगमेंट में टॉप का स्तन हासिल किया है, वो रिलायंस ही है।

हुवावै और अल्काटेल रही दूसरे स्थान पर: एक रिसर्च रिपोर्ट के अनुसार, 2018 की पहली तिमाही में रिलायंस जियोफाइ की बाजार में 73 फीसद की हिस्सेदारी रही है। जियो के बाद हुवावै और अल्काटेल का स्थान रहा है। दोनों की बाजार में कुल मिलाकर 24 फीसद की हिस्सेदारी रही है।रिलायंस रिटेल का आयात जहां 24 फीसद कम रहा। वहीं, हुवावै का आयात 9 फीसद बढ़ा है।

ऑफर्स देने से मिला जियो को लाभ: रिलायंस कंपनी जियोफाइ को लेकर कई तरह के ऑफर्स पेश करती रहती है। शायद यही कारण रहा की घाटे के बाद भी कंपनी शीर्ष पर रही। साइबर मीडिया रिसर्च की प्रमुख विश्लेषक शिप्रा सिन्हा के मुताबिक, साल 2018 की पहली तिमाही दरअसल भारत में वित्त वर्ष की आखिरी तिमाही होती है इसलिए उसमें वेंडर नया माल मंगाने के बजाए पहले के स्टॉक को निकालने पर ज्यादा ध्यान देता है। रिलायंस रिटेल ने जनवरी में भारी पैमाने परिमाण में आयात किया मगर उसके बाद मार्च तक धीरे-धीरे कमी का सिलसिला बना रहा।’

रिपोर्ट में बताया गया कि रिलायंस जियो ने भारत में डाटा कार्ड बाजार में काफी बदलाव किया है। रिलायंस रिटेल जियोफाई को 91 फीसद शेयर बाजार हिस्सेदारी के लिए कई ओरिजनल इक्यूपमेंट्स मैन्यूफैक्चरर्स से खरीदा जाता है। वहीं, कैलेंडर वर्ष की दूसरी तिमाही में डाटा सेगमेंट में हुआवे की हिस्सेदारी केवल 3 फीसद है। साथ ही इसी तिमाही में यूनिट्स शिपिंग के मामले में, LTE/4G डाटा कार्ड ने 17 फीसद लगातार बढ़ोतरी के साथ पहला स्थान बरकरार रखा है।

Print Friendly, PDF & Email

You May Also Like

   

     

     
error: Content is protected !!