10 करोड़ की सुपारी लेकर हुई मुन्ना बजरंगी की हत्या!

माफिया डॉन मुन्ना बजरंगी की हत्या के मामले में एक सनसनीखेज तथ्य सामने आने की चर्चा है। कहा जा रहा है खाकी के हाथ वारदात का पूर्वांचल कनेक्शन लगा है। इससे यह शक पुख्ता हो रहा है कि वारदात का सूत्रधार पूर्वांचल का ही है। सुनील राठी तो बस एक मोहरा है। चर्चा है कि 10 करोड़ रुपये की सुपारी लेकर बजरंगी को मौत के घाट उतारा गया है। 2019 में जौनपुर लोकसभा सीट पर चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहा मुन्ना बजरंगी एक नेता के आड़े आ रहा था, जो कत्ल की मुख्य वजह बनी। बजरंगी के लोकसभा चुनाव लड़ने की चाह और एक बाहुबली से उसकी वर्चस्व की जंग भी जांच के दायरे में है।

बजरंगी की पत्नी सीमा सिंह बाहुबली पर हत्या कराने का आरोप भी लगा चुकी है। चर्चा यह भी है कुख्यात सुनील राठी पूर्वांचल में अपनी पैठ बनाना चाह रहा था इसलिए उसे भी साजिश में शामिल किया गया। चर्चा के अनुसार जेल में बजरंगी की हत्या से एक दिन पहले जौनपुर के एक बैंक से करीब सात करोड़ रुपयों का ट्रांजेक्शन हुआ है। तीन करोड़ रुपये वहीं के दूसरे बैंक से निकाले गए। इसलिए 10 करोड़ की सुपारी का जिक्र जांच में शामिल किया गया है। पुलिस जौनपुर में बैंक खातों की डिटेल निकलवा रही है। यह भी कहा जा रहा है कि सुनील के पास जेल में काफी समय से उसकी अपनी पिस्टल थी। जेल अधीक्षक (अतिरिक्त चार्ज) विपिन कुमार मिश्रा का का कहना है कि अभी इस मामले में कुछ भी कहना जल्दबाजी होगी। विवेचक इसे सुलझाने में लगे हैं।

हर बिंदु पर होगी जांच

आईजी, मेरठ रामकुमार ने बताया कि पुलिस हर बिंदु पर जांच कर रही है। सीमा सिंह के आरोप को भी गम्भीरता से लिया जा रहा है। उम्मीद है, जल्द घटना का राजफाश हो जाएगा। पुलिस को अहम सुराग मिले हैं।

पहले बुलेटप्रूफ जैकेट दो, तब करेंगे पूछताछ

मुन्ना बजरंगी की बागपत जेल में हत्या के बाद से सुनील राठी खौफ जेल के अंदर दिखाई देने लगा है। जेल में बंदियों से लेकर बंदी रक्षक व जांच अधिकारी तक सुनील राठी के पास जाने से डर रहे हैं। एक जांच अधिकारी ने उसकी बैरक में बगैर बुलेटप्रूफ जैकेट के जाने से मना कर दिया। उनके लिए बुलेटप्रूफ जैकेट लाई गई और कड़ी सुरक्षा में सुनील राठी की बैरक में ले जाया गया।

जेल के सूत्रों के अनुसार मुन्ना बजरंगी हत्याकांड की जांच करने के लिए आए एक जांच अधिकारी को पूछताछ के लिए सुनील राठी की बैरक में जाना था, लेकिन अफसर ने वहां पर जाने से साफ मना कर दिया। उन्होंने जेल अधीक्षक से कहा कि पहले बुलेटप्रूफ जैकेट का इंतजाम करो, उसे पहनने के बाद ही सुनील राठी के पास जाएंगे।  उन्हें बुलेटप्रुफ जैकेट उपलब्ध कराई गई। कई अहम बिंदुओं पर सुनील राठी से पूछताछ करने के बाद अफसर वहां से लौटे। जेल अधीक्षक विपिन कुमार मिश्र ने कहा कि जेल में आने वाले सभी जांच अधिकारियों की सुरक्षा का पूरा ध्यान रखा जा रहा है। उन्हें पुलिस सुरक्षा में ही सुनील राठी के पास भेजा जा रहा है। मांग करने पर बुलेटप्रूफ जैकेट भी उपलब्ध कराई जा रही है।

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