प्रियंका चोपड़ा ने उठायी रोहिंग्या शरणार्थियों के लिए आवाज़ लिखा जज़्बाती ख़त

मुंबई। बॉलीवुड की सरहदों को पार करके प्रियंका चोपड़ा अब एक ग्लोबल सेलेब्रिटी के रूप में पहचान बना चुकी हैं। ब्रिटेन के प्रिंस की शादी की वो मेहमान बनती हैं, तो यूनिसेफ़ की एंबेस्डर होने के नाते कुछ ज्वलंत मुद्दों पर बोलती हैं। प्रियंका ने इस बार बांग्लादेश के रोहिंग्या मुसलमानों का मुद्दा उठाया है।

प्रियंका चोपड़ा ने सोमवार को यूनिसेफ़ की एक इवेंट के लिए रोहिंग्या मुसलमानों के बांग्लादेश स्थित शरणार्थी कैंप का दौरा किया। इस दौरे के दौरान जब वो शरणार्थियों से मिलीं तो इमोशनल हो गयीं। प्रियंका ने अपने इंस्टाग्राम एकाउंट पर दौरे की तस्वीरों के साथ इस मुद्दे पर अपने विचार रखे हैं। प्रियंका लिखती हैं- ”मैं आज कोक्स बाज़ार, बांग्लादेश में यूनिसेफ़ की ओर दुनिया के सबसे बड़े शरणार्थी कैंप का दौरा कर रही हूं।”प्रियंका ने आगे लिखा है- ”2017 के उत्तरार्द्ध में, दुनिया ने म्यांमार (बर्मा) की रखाइन स्टेट की तरफ़ से की गयी एथनिक क्लीनज़िंग की भयावह तस्वीरें देखी थीं। इस हिंसा ने क़रीब सात लाख रोहिंग्या को सीमा पार करके बांग्लादेश में शरण लेने को मजबूर कर दिया, जिनमें से 60 फीसदी बच्चे हैं। कई महीने बाद वे आज भी असुरक्षित हैं। ऐसे शिविरों में रह रहे हैं, जहां पांव रखने की जगह नहीं है। उन्हें नहीं पता कि वे कहां जाएंगे या वे कहां के कहलाएंगे।

रोहिंग्या शरणार्थियों की बदहाली और अनिश्चितता को रेखांकित करते प्रियंका लिखती हैं- ”इससे भी बुरा ये है कि उन्हें नहीं पता, अगली बार खाना कब मिलेगा और जब तक उनके जीवन में थोड़ा ठहराव आएगा। बरसात का मौसम शुरू होने वाला है। अब तक जो कुछ उन्होंने बनाया है, वो सब नष्ट हो जाएगा। ये बच्चों की पूरी पीढ़ी है, जिसका कोई भविष्य नहीं है। उनके चेहरों पर मुस्कान है, मगर मैं उनमें सूनापन देख सकती हूं। इस इंसानी संकट की अग्रिम पंक्ति में ये बच्चे ही खड़े हैं, जिन्हें मदद की सख़्त ज़रूरत है। दुनिया को परवाह करने की ज़रूरत है। हमें परवाह करने की ज़रूरत हैं। ये बच्चे ही भविष्य हैं।” इसके बाद प्रियंका ने रोहिंग्या शरणार्थियों की मदद के लिए यूनिसेफ़ वेबसाइट का लिंक भी शेयर किया है।

हाल ही में प्रियंका ने एक समारोह के दौरान स्वीकारा कि उन्हें इस बात की सबसे अधिक तकलीफ है कि वह अपने पिता अशोक चोपड़ा के अंतिम दिनों में उनके साथ नहीं रह पायीं। यह उन्हें अपनी जिंदगी का सबसे बड़ा दर्द लगता है। वहीं प्रियंका ने कहा कि उन्हें अपनी जिंदगी का सबसे बड़ा अचीवमेंट यही लगता है कि उन्होंने अपने डर पर जीत हासिल की है। प्रियंका ने इस दौरान ही कहा कि पहले वह काफी इमोशनल हो जाती थीं और उन्हें कई बातें प्रभावित करती थीं। लेकिन अब उन्होंने इस पर भी काबू पाया है। प्रियंका कहती हैं कि उन्हें सतर्क करने वाला कभी कोई नहीं रहा है। वह अपनी बिहेवियर से यह सब सीखती रही हैं। यही वजह है कि वह कई बार गिरी हैं। कामयाब नहीं रही हैं। लेकिन उन्हें तकलीफ है कि वह अपने पिताजी के साथ अधिक वक्त नहीं बिता पायी। प्रियंका ने कहा कि उन्होंने जो कुछ भी हासिल किया है, अपनी मेहनत से किया है। लेकिन इन सबके बीच उनकी चाहत है कि वह अपने पीछे एक लीजेसी को छोड़ कर जायें।

You May Also Like

   

     

     
error: Content is protected !!
%d bloggers like this: