चारा घोटाला के चौथे केस में लालू यादव को 7 साल की सजा

 चारा घोटाले के दुमका कोषागार से जुड़े मामले में राजद प्रमुख लालू यादव समेत सभी दोषियों को शुक्रवार को सुनवाई पूरी हो गई। सीबीआई के विशेष न्यायाधीश शिवपाल सिंह की अदालत में बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद सहित 19 दोषियों को सजा सुनाई गई। कोर्ट ने लालू यादव को सात साल की सजा सनाई है। इसके साथ ही उन पर 30 लाख रुपए का जुर्माना भी लागाया गया है।
आपको बता दें कि कल अदालत में बचे हुए पांच दोषियों की सजा के बिंदु पर बहस हुई। इनमें राधा मोहन मंडल, राजा राम जोशी, सरवेंदु कुमार दास, रघुनंदन प्रसाद और राजेंद्र कुमार बगेरिया शामिल थे। इन दोषियों की ओर से अधिक उम्र, सीनियर सिटीजन, अधिक समय से मुकदमे का ट्रायल फेस करना सहित कई बीमारियों का हवाला देते हुए अदालत से सजा कम देने का अनुरोध किया गया। अदालत ने 19 मार्च को 19 लोगों को दोषी ठहराया था।

सभी दोषियों के सजा के बिंदु पर 21 मार्च से सुनवाई शुरू हुई थी, जो 23 मार्च तक चली। जज शिवपाल सिंह ने कहा कि क्या गरीबों को बीमारी नहीं होती? आरोपी जो बीमारी बता रहे हैं सब बड़े लोगों की बीमारी है। जज ने कहा कि पढ़े लिखे लोग ही फ्रॉड करते हैं ऐसा उदाहरण नहीं मिलता कि कोई अनपढ़ फ्रॉड में शामिल हो। 19 अभियुक्त दोषी करार लालू प्रसाद, पूर्व मुख्यमंत्री फूलचंद सिंह, तत्कालीन सचिव, नंद किशोर प्रसाद, तत्कालीन वेटनरी ऑफिसर, ओपी दिवाकर, तत्कालीन क्षेत्रीय निदेशक, पार्टनर विश्वकर्मा एजेंसी, अजित कुमार शर्मा, प्रोपराइटर लिटिल ओक, विमल कांत दास, तत्कालीन वेटनरी ऑफिसर, गोपी नाथ दास, प्रोपराइटर, राधा फार्मेसी, एमएस बेदी, पंकज मोहन भुई, तत्कालीन एकाउंटेंट, पितांबर झा, तत्कालीन वेटनरी ऑफिसर, एसके दास, तत्कालीन असिस्टेंट, अरुण कुमार सिंह,प्रोपराइटर सेमेक्स क्रायोजेनिक्स, नरेश प्रसाद, प्रोपराइटर वायपर कुटीर, राजकुमार शर्मा, ट्रांसपोर्टर, आरके बगेरिया, ट्रांसपोर्टर, मनोजरंजन प्रसाद, केके प्रसाद, तत्कालीन वेटनरी ऑफिसर, रघुनाथ प्रसाद, तत्कालीन वेटनरी ऑफिसर, राधा मोहन मंडल, तत्कालीन वेटनरी ऑफिसर।

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