राजनीति में आते ही भ्रष्टाचार की धारा खोल दी: CBI कोर्ट

चारा घोटाले से जुड़ा दुमका ट्रेजरी मामले में बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव को सज़ा सुनाते हुए सीबीआई कोर्ट ने उनके खिलाफ बेहद सख्त टिप्पणियां की. कोर्ट ने कहा कि राजनीति में आने के बाद लालू यादव ने भ्रष्टाचार की धारा खोल दी. उनकी पार्टी आरजेडी ढेर सारे अवैध तरीके से कमाए गए पैसों से बनी.

लालू यादव को 14 साल की जेल की सज़ा सुनाते हए (दो मामलों में 7-7 साल की अलग सज़ा) सीबीआई जज शिवपाल सिंह ने कहा कि लालू ने राजनीति में आते ही भ्रष्टाचार की धारा खोल दी और भ्रष्ट अधिकारियों को सुरक्षा दी.

जज ने आगे कहा कि राज्य में सरकारी अधिकारियों को पूरी तनख्वाह नहीं मिली और उन्हें मजबूरन आधी तनख्वाह पर काम करना पड़ा. उन्होंने कहा, ‘आरोपी ने अवैध स्रोतों से ढेर सारा धन कमाया और एक क्षेत्रीय पार्टी खड़ी कर डाली, जिसके सर्वेसर्वा लालू प्रसाद यादव खुद बन गए.’
कोर्ट ने कहा, ‘भारतीय संविधान की शपथ लेने के बावजूद लालू ने कभी भी इसकी शुचिता को बना के नहीं रखा.’ कोर्ट ने लालू को दुमका चारा घोटाले के अंतर्गत सज़ा सुनाई है. जज ने कहा कि लालू प्रसाद यादव ने कई ज़िलों से ट्रेज़री से सरकारी धन को गलत ढंग से निकाला और खर्च किया और जिन लोगों ने इसमें उनका साथ दिया उनको गलत तरीके से प्रोटेक्शन दिया.

सीबीआई कोर्ट ने आगे कहा कि 1990 से 1997 के बीच जब गलत तरीके से ज़्यादा मात्रा में पशु विभाग से पैसा निकाला गया तो उस समय लालू मुख्यमंत्री और वित्तमंत्री दोनों थे. लालू प्रसाद यादव की अगुवाई में 1990 से 1997 के बीच लालू के सहयोगियों ने संथाल परगना व दुमका ज़िले की ट्रेज़री सहित कई ज़िलों की ट्रेज़री से गलत तरीके से पैसा निकाला. इस दौरान वित्त सचिव के पद पर ऐसे व्यक्ति को नियुक्त किया गया जिसने कि लालू यादव के मौखिक आदेशों का पालन किया. कोई भी वित्त सचिव 1996 तक इस बात का खुलासा करने की हिम्मत नहीं जुटा सका.

केस का इतने दिनों तक निर्णय न होने का कारण बताते हुए कोर्ट ने कहा कि लालू ने आपराधिक मामलों के निपटान में भी बाधाएं पैदा कीं जिसकी वजह से केस 20 सालों तक लटका रहा और लालू पॉलिटिकल पावर का आनंद लेते रहे.

सज़ा सुनाते हुए जज ने उन्हें बेईमानी, जालसाजी, आपराधिक षड्यंत्र के मामले में 7 साल की और लोक सेवक के रूप में भ्रष्टाचार करने के आरोप में 7 साल यानी कि कुल 14 साल की सज़ा सुनाई.

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