टेरर फंडिंग: आतंकी संगठनों को फंड मुहैया कराने वाले 6 मददगार गिरफ्तार

उत्तर प्रदेश एटीएस ने आतंकी संगठनों को फंड मुहैया कराने वाले 6 मददगारों को दबोचने में सफलता हाथ लगी है. एटीएस ने गोरखपुर और आसपास जिलों से 6 लोगों को गिरफ्तार किया है. इनमें एक मोबाइल की दुकान चलाने वाले दो भाई भी शामिल हैं. सूत्रों के अनुसार इनके मध्य प्रदेश के रीवा में टेरर फंडिंग से तार जुड़े हैं. एटीएस के अनुसार अभी और गिरफ्तारियां हो सकती हैं. कई अन्य जगहों पर एटीएस की छापेमारी जारी है. एटीएस ने इन आरोपियों के पास से फर्ज़ी एटीएम कार्ड, मशीन और स्किमर बरामद किए हैं.

गोरखपुर शहर के मोबाइल कारोबारी नईम एंड संस के तीन प्रतिष्ठानों पर एटीएस की छापेमारी की गई. इस दौरान मोबाइल कारोबारी के दो बेटों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गयी. साथ ही छापेमारी के दौरान मौके से नगदी, कंप्यूटर, पेन ड्राइव और हार्ड डिस्क कब्जे में लिया गया है. इसके साथ ही एटीएस ने छापेमारी के बाद मोबाइल कारोबारी की तीनों दुकान को सील किया है. कैंट थाना के बलदेव प्लाजा, सुपर मार्केट और आनंद कटरा में स्थित मोबाइल की दुकानों पर छापेमारी की कार्रवाई की गई है.

बता दें पिछले साल एटीएस ने मध्यप्रदेश में बलराम को गिरफ्तार किया था. पता चला कि वह आईएसआई के लिए काम करता था. वहीं टेरर फंडिंग का मास्टर माइंड बताया जाता है. वह मध्यप्रदेश के सोहास थाना कोटर जिला सतना का रहने वाला है. जांच में सामने आया कि उसने रज्जन नाम के शख्स के साथ मिलकर सतना और रीवा के 28 बैंक खातों से आतंकी गतिविधियों में संलिप्त आतंकवादियों को 15 करोड़ से ज्यादा की राशि पहुंचाई थी.

खातों के जरिए बलराम ने रज्जन के साथ मिलकर पाकिस्तान में बैठे आकाओं के निर्देश पर दिल्ली से लेकर प्रदेश के अलग-अलग कोनों में सक्रिय नेटवर्क के मेम्बरों को मोटी राशि ट्रांसफर की. बलराम और रज्जन के 45 से ज्यादा खाते थे और तकरीबन 150 बैंक खातों के जरिए टेरर फंडिंग की.

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