एसटीएफ का कथित इंस्पेक्टर अरेस्ट, रंगदारी मागने में पकड़े गए दो फर्जी पत्रकार

लखनऊ । गोमतीनगर क्षेत्र में छात्रा को उसके दोस्त के साथ बातचीत करता देख निजी कंपनी के एक्जीक्यूटिव ने उसे परेशान करने के लिए गहरी साजिश रच डाली। हालाकि वह षड्यंत्र में कामयाब नहीं हो सका। छात्रा के पिता ने एसएसपी एसटीएफ अभिषेक सिंह से शिकायत की, तब कथित इंस्पेक्टर अंकुर उर्फ राजवीर सिंह पकड़ा गया। इंदिरानगर क्षेत्र निवासी छात्रा सात जुलाई को गोमतीनगर क्षेत्र में कोचिंग से लौट रही थी। आरोप है कि रास्ते में मूल रूप से कोठी, बाराबंकी निवासी अंकुर उर्फ राजवीर सिंह ने उसे रोक लिया। बताया गया कि छात्रा अपने एक दोस्त से बात कर रही थी। अंकुर ने छात्रा को इसके लिए पुलिसिया अंदाज में टोका और उस पर रौब गाठने लगा।

विरोध पर अंकुर ने खुद को एसटीएफ का इंस्पेक्टर होने का दावा किया और उसे जेल भेजने की धमकी दी। छोड़ने के लिए उल्टा छात्रा से पाच हजार रुपये की माग भी की। अंकुर ने छात्रा पर प्रभाव जमाने के लिए उसे अपना नंबर भी दिया। तब छात्रा वहा से किसी तरह बचकर निकली और घर पहुंचकर परिवारीजन को पूरी बात बताई। इस पर छात्र के पिता एसएसपी एसटीएफ के कार्यालय पहुंचे और शिकायत की। एसएसपी ने उन्हें बताया कि इस नाम का कोई इंस्पेक्टर उनके यहा तैनात नहीं है। साथ ही जाच कर आरोपित के खिलाफ कार्रवाई का भरोसा दिलाया। छात्रा के पिता ने गोमतीनगर थाने में घटना की रिपोर्ट दर्ज कराई।

रंगदारी मागने में पकड़े गए दो फर्जी पत्रकार

गोमतीनगर पुलिस ने एक महिला समेत दो ऐसे फर्जी पत्रकारों को गिरफ्तार किया है, जो एक डॉक्टर से 50 हजार रुपये रंगदारी माग रहे थे। इंस्पेक्टर गोमतीनगर के मुताबिक, पकड़े गए फर्जी पत्रकारों में विशालखंड निवासी सौरभ निगम और राजाजीपुरम निवासी राठी निगम हैं। दोनों के खिलाफ बुधवार को डॉक्टर की तहरीर पर गोमतीनगर थाने में एफआइआर भी दर्ज हुई है। विनयखंड निवासी डॉक्टर कमलाशकर सोनी की क्लीनिक पर सोमवार को दो महिला और युवक पहुंचे थे। तीनों ने खुद को एक इलेक्ट्रॉनिक चैनल से होने का दावा किया। उन्होंने डॉक्टर से कहा कि फर्जी क्लीनिक चला रहे हो और यहा गलत काम कर रहे हो। जिसपर डॉक्टर ने उन्हें क्लीनिक के कागज दिखाए।

फर्जी पत्रकारों ने कहा कि अभी हाल ही में यहा एक महिला का गलत ऑपरेशन हुआ है। उन्होंने डॉक्टर को अर्दब में लेते हुए कहा कि एक और क्लीनिक की खबर चलाई थी, जिसपर डॉक्टर के खिलाफ कार्रवाई हो गई, तुम भी कार्रवाई करवाना चाहते हो क्या। तीनों ने डॉक्टर से खबर न चलाने के लिए एक लाख रुपये मागे, मामला पचास हजार पर तय हुआ और डॉक्टर ने उन्हें बीस हजार रुपये देकर शेष धनराशि के लिए बुधवार को बुलाया। बुधवार को महिला पत्रकार और उसका साथी डॉक्टर की क्लीनिक पर शेष तीस हजार रुपये लेने पहुंचे। तभी डॉक्टर की कॉल पर पहुंची पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया।

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