बीजेपी का मास्टरप्लान,2019 चुनाव की घोषणा से पहले मोदी उठाएंगे ये कदम

यूपी उप-चुनावों में जीत और कर्नाटक में सरकार बनाने के बाद विपक्षी दलों ने अपने सारे पत्ते खोल दिए हैं. महागठबंधन की बात भी हो गई. बीजेपी के खिलाफ एक उम्मीदवार लड़ाने पर सहमति भी बनती दिख रही है. कांग्रेस से लेकर तमाम विपक्षी दलों बड़ी-बड़ी रैलियां कर रहे हैं. जब तक विपक्ष अपने पत्ते खोलता रहा, तब तक बीजेपी ने खामोशी से सारे पत्ते खुलने का इंतजार भी किया और रणनीति भी बनाती रही.

पिछले महीने पांच राज्यों के गन्ना किसानों के साथ पीएम मोदी की मुलाकात के बाद सरकार के साथ-साथ बीजेपी आलाकमान भी हरकत में आ गया है. पहले केन्द्रीय मंत्रीमंडल ने लगभग 24 खरीफ फसलों पर 4 से 52 फीसदी तक न्यूनतम समर्थन मूल्य यानि एमएसपी बढ़ाया तो वहीं बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह एक के बाद एक राज्यों के दौरे में लगे हुए हैं. शाह विस्तारकों से मुलाकात कर रहे हैं, शक्ति केन्द्रों यानि बूथ मैनेजरों के साथ मिलकर लक्ष्य तय किया जा रहा है, चुनाव संचालन समितियों के साथ मंथन भी जारी है. यानी पूरी पार्टी और मोदी सरकार चुनाव के रंग में आ चुकी है, और जंग की शुरुआत भी हो चुकी है.

सूत्र बताते हैं कि अब पीएम मोदी दिल्ली में खामोश नहीं बैठने वाले. बात किसानों से शुरू हुई तो बीजेपी के रणनीतिकारों ने तय किया है कि देश के चारों हिस्सों में एक-एक किसान रैलियां की जाएंगी. शुरुआत बुधवार 11 जुलाई को पंजाब के मुक्तसर में की गई है. फिर यूपी के शाहजहांपुर में 21 जुलाई को एक बड़ी किसान रैली आयोजित की जाएगी. इसके बाद एक-एक किसान रैली ओडिशा और कर्नाटक में होंगी. इन रैलियों में पीएम मोदी किसानों के हक में लिए गए सरकारी फैसलों, खासकर एमएसपी बढ़ाने के फैसले के बारे में बताएंगे

जुलाई 9 को दिल्ली से सटे नोएडा में सैमसंग कंपनी की एक यूनिट का उद्घाटन कर पीएम मोदी ने यूपी में भी मोर्चा खोल दिया है. वो जुलाई 14-15 को मुलायम के संसदीय क्षेत्र आजमगढ, वाराणसी और मिर्जापुर के दौरे पर रहेंगे. पीएम मोदी 14 की रात वाराणसी मे ही ठहरेंगे. वह 21 जुलाई को शाहजहांपुर में किसान रैली और 29 जुलाई को लखनऊ में शहरी विकास मंत्रालय के स्मार्ट सीटी कार्यक्रम में हिस्सा लेंगे. जाहिर है चार इलाकों में 4 रैलियां कर पीएम मोदी महागठबंधन की काट ही ढूढ़ेंगे.

पीएम के दौरे आने वाले महीनों में भी जारी रहेंगे. सूत्रों के मुताबिक अगले साल फरवरी तक यानी लोकसभा चुनावों के ऐलान से पहले पीएम मोदी की योजना देशभर में 50 रैलियां करवाने की है. इसमें अक्टूबर और नवंबर का महीना इस रणनीति से अलग रखा जाएगा, क्योंकि राजस्थान, मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ में विधानसभा चुनावों की रैलियों की अलग से योजना बनाई जाएगी.

सूत्र बताते हैं कि इस बार रैलियों में मशक्कत सिर्फ पीएम मोदी नहीं करेंगे बल्कि पार्टी के दूसरे शीर्ष नेताओं की रैलियां भी आयोजित की जाएंगी. सूत्रों के अनुसार बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह, गृहमंत्री राजनाथ सिंह, सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी से भी रैलियां करवाने की रणनीति बनी है. ये आला नेता भी अगले साल फरवरी तक देश भर में 50 रैलियां करेंगे. हर रैली में 2 से 3 लोकसभा क्षेत्रों को कवर किया जाएगा. यानी फरवरी 2018 तक लगभग 200 रैलियां और 400 लोकसभा क्षेत्रों तक पार्टी न सिर्फ पहुंच बनाएगी बल्कि पार्टी कार्यकर्ता और सगंठन का ढांचा भी लोकसभा चुनाव आते-आते चुस्त-दुरुस्त हो जाएगा.

15 अगस्त को भी पीएम मोदी के राष्ट्र के संदेश को गेम चेंजर बनाने की तैयारियां चल रही हैं. इस बार का ट्रंप कार्ड होगा आयुष्मान भारत यानी देश के हर नागरिक के लिए स्वास्थ्य बीमा योजना. 15 अगस्त को इसकी औपचारिक शुरुआत की तैयारियां भी चल रहीं है. बीजेपी आलाकमान को भरोसा है कि मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में जीत उन्हें ही मिलेगी. राजस्थान भले ही कमजोर कड़ी बना हुआ है लेकिन वहां भी स्थितियां बदलेंगी.

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