पूर्व राष्ट्रपति गयूम को 19 महीने की जेल, चीफ जस्टिस को भी सुनाई गई यही सजा

मालदीव के पूर्व राष्ट्रपति मौमून अब्दुल गयूम को 19 महीने जेल की सजा हुई है। गयूम पर सरकार को उखाड़ फेंकने की साजिश के आरोप हैं। मालदीव की एक कोर्ट ने पुलिस जांच में सहयोग नहीं देने के आरोप में उन्हें बुधवार को यह सजा सुनाई। वह दूसरे राष्ट्रपति हैं, जिन्हें राष्ट्रपति यामीन अब्दुल गयूम के शासन में जेल हुई है। उन्हें फरवरी में गिरफ्तार किया गया था। राष्ट्रपति यामीन उनके सौतेले भाई है।

कोर्ट ने जांचकर्ताओं को मोबाइल फोन नहीं सौंपने के आरोप में यामीन को एक साल, छह महीने और छह दिन की सजा सुनाई। देश के चीफ जस्टिस अब्दुल्ला सईद को भी इसी आरोप में यही सजा सुनाई गई। चीफ जस्टिस सईद को भी गयूम के साथ ही गिरफ्तार किया गया था। बता दें कि 2008 में देश के पहले स्वतंत्र रूप से चुने गए राष्ट्रपति मोहम्मद नाशीद को भी 13 साल की जेल की सजा सुनाई गई थी। हालांकि उन्हें अपनी बीमारी के इलाज के लिए ब्रिटेन जाने की अनुमति मिल गई थी। तब से वह श्रीलंका में निर्वासित जीवन जी रहे हैं।

अमेरिका ने पूर्व राष्ट्रपति गयूम को मिली सजा पर मालदीव की आलोचना की। श्रीलंका में अमेरिकी राजदूत अतुल कश्यप ने ट्वीट कर कहा, गयूम के खिलाफ अनुचित रूप से मुकदमा चलाया गया। मामले में अभियुक्त की ओर से न कोई गवाह पेश किया गया न वकील मुहैया कराया गया। अगर जजों को सरकार का डर है तो वह उचित और निष्पक्ष न्याय के साथ सेवा नहीं दे सकते।

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