येदुरप्पा सरकार पर सुप्रीम कोर्ट में हुई सुनवाई

नई दिल्ली। कर्नाटक में सत्ता का संग्राम बहुत ही रोमांचक दौर में पहुंच गया है। येदुरप्पा की शपथ को सुप्रीम कोर्ट में कांग्रेस को चैलेंज किया था। जिसे लेकर कोर्ट में सुनवाई चल रही है। बीजेपी का पक्ष रख रहे मुकुल रोहतगी ने तीन जजों की बेंच को वो 2 चिट्ठियां सौंपी जो येदुरप्पा ने राज्यपाल को दी थी।

कोर्ट में बीजेपी का पक्ष रखते हुए वकील रोहतगी ने कहा कि, राज्यपाल को येदियुरप्पा को विधायकों के नाम देने की जरूरत ही नहीं थी क्योंकि वह सदन में बहुमत साबित करने को तैयार हैं। मुकुल रोहतगी ने सुप्रीम कोर्ट के सामने बोम्मई जजमेंट का उदाहरण दिया।

मुकुल रोहतगी ने कहा कि कांग्रेस और जेडीएस के विधायक सपॉर्ट करेंगे और इस स्टैंड पर वह कुछ नहीं कहना चाहते। वहीं मुकुल रोहतगी ने यह भी कहा कि कांग्रेस और जेडीएस के लेटर में विधायकों के हस्ताक्षर पूरे नहीं हैं। दूसरे पक्ष के कुछ विधायकों ने उनसे कहा है कि उन्होंने कांग्रेस-जेडीएस गठबंधन को समर्थन नहीं दिया।

बीजेपी का पक्ष सुनने के बाद सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि यह एक नंबर गेम है और राज्यपाल को यह देखना होगा कि कौन सी पार्टी के पास बहुमत है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि प्री-पोल अलायंस पोस्ट-पोल अलायंस से अलग है। इसलिए इसका परीक्षण सदन में फ्लोर टेस्ट के जरिए ही होगा।

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि बीएस येदुरप्पा ने कहा है कि बीजेपी सबसे बड़ी पार्टी है फिर 2 विकल्प है-राज्यपाल के फैसले का टेस्ट किया जाए और 2- शनिवार को ही फ्लोर टेस्ट हो। जस्टिस सीकरी ने कहा कि फ्लोर टेस्ट हो जाना चाहिए और सदन को यह फैसला लेने दीजिए कि किसके पास बहुमत है।

इसके बाद कांग्रेस का पक्ष रखने आए वकील मनु सिंघवी ने कोर्ट में कहा कि, सुप्रीम कोर्ट को यह फैसला करना होगा कि किसे पहला चांस मिले- कांग्रेस-जेडीएस गठबंधन को या बीजेपी को।

वकील सिंघवी ने पूछा कि राज्यपाल यह कैसे सोच सकते हैं कि बीजेपी बहुमत साबित कर सकती है जब जेडीएस और कांग्रेस के पास बहुमत है। सिंघवी ने दावा किया , कांग्रेस शनिवार को बिना किसी देरी के फ्लोर टेस्ट के लिए तैयार है।

सिंघवी ने कहा कि विधायक बिना डरे वोट कर सके इसके लिए पूरी सुरक्षा और वीडियोग्राफी होनी चाहिए। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि वह डीजी

यहीं नहीं कोर्ट ने बीजेपी को एक बड़ा झटका देते हुए कहा कि, फ्लोर टेस्ट होने तक किसी ऐंग्लो-इंडियन सदस्य को नॉमिनेट न किया जाए।

इस पर बीजेपी वकील ने कहा कि फ्लोर टेस्ट शनिवार को नहीं होना चाहिए, इसके लिए एक तय समय होना चाहिए न कि एक दिन। फ्लोर टेस्ट कम से कम सोमवार को होना चाहिए। कांग्रेस और जेडीएस के विधायकों को राज्य के बाहर रखा गया है।

उन्हें भी वोट देने के लिए आना पड़ेगा इसलिए थोड़ा समय दिया जाए।इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने अपन फैसला सुनाया कि, शनिवार को ही फ्लोर टेस्ट करवाया जाएगा।

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