उपभोक्ताओं को आज से लगेगा महंगी बिजली का झटका

राज्य विद्युत नियामक आयोग के आदेश के अनुसार एक अप्रैल से ग्रामीण मीटर उपभोक्ताओं को 300 के बजाय Rs. 400 प्रति किलो वाट प्रति माह की दर से बिल चुकाना होगा। बिजली उपभोक्ताओं को प्रति किलोवाट 100 रुपये अतिरिक्त चुकाना होगा जो ग्रामीण उपभोक्ताओं को देखते हुए काफी ज्यादा है।

नवंबर में बढ़ाए थे Rs. 120 प्रति किलोवाट
विद्युत नियामक आयोग ने बीते साल 30 नवंबर को जारी टैरिफ ऑर्डर में गांव में घरेलू अनमीटर्ड उपभोक्ताओं की दरें ₹180 प्रति किलोवाट प्रति माह से बढ़ाकर 31 मार्च 2018 तक के लिए Rs.300 कर दी थी। इसके बाद 1 अप्रैल से 100 रुपए प्रतिमाह प्रति किलो वाट और बढ़ाने का खाका खींच दिया है। एक अप्रैल से नई दरें लागू हो जाएंगी, जिससे 50 लाख उपभोक्ताओं पर असर पड़ेगा।

संगठनों ने की बढ़ी दरें वापस लेने की मांग 
राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने राज्य सरकार से बढ़ी दरें वापस लेने की मांग की है। उन्होंने साफतौर पर कहा कि सरकार निजीकरण भी कर रही है और उपभोक्ताओं को महंगी बिजली का झटका भी दे रही है। यह बिल्कुल सही नहीं है, सरकार तत्काल फैसला वापस ले। वहीं विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के संयोजक शैलेंद्र दुबे ने भी ग्रामीण घरेलू उपभोक्ताओं को 100 रुपए प्रति किलोवाट प्रति माह महंगी बिजली के फैसले पर कड़ी आपत्ति दर्ज कराई है।
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