68 साल बाद फाइनल में पहुंचने वाला सबसे छोटा देश बना क्रोएशिया

रूस में हो रहे फीफा वर्ल्ड कप में पूर्वी यूरोप के छोटे से देश क्रोएशिया ने अबतक ऐसा खेल दिखाया है, जिसकी उम्मीद शायद किसी फुटबॉल प्रशंसक को नहीं रही होगी। सेमीफाइनल में इंग्लैंड को हराकर फाइनल में पहुंचे क्रोएशिया का नाम भी कई लोगों के लिए नया था। पहली बार फाइनल का टिकट पक्का कर चुके इस छोटे देश की कई बातें बड़े-बड़े मुल्कों के लिए भी मिसाल हैं।

आबादी के लिहाज से दिल्ली से भी छोटा, क्षेत्रफल में हिमाचल प्रदेश जितना बड़ा

क्रोएशिया की कुल आबादी 4 मिलियन (40 लाख) है, मतलब भारत की राजधानी दिल्ली से भी काफी कम। 68 साल बाद कोई इतना छोटा देश वर्ल्ड कप के फाइनल में पहुंचा है। इससे पहले 1950 में उरुग्वे ऐसा कर चुका है। क्रोएशिया क्षेत्रफल में हिमाचल प्रदेश जितना ही बड़ा है।

वर्ल्ड कप फाइनल खेलने वाला सबसे युवा देश

क्रोएशिया वर्ल्ड कप फाइनल खेलने वाला सबसे युवा देश होगा। क्रोएशिया 1991 में आजाद हुआ था। युगोस्लाविया से अलग होकर स्वतंत्र राष्ट्र बनने के बाद क्रोएशिया को फुटबॉल वर्ल्ड कप में अपना पहला मैच खेलने के लिए 1998 तक का इंतजार करना पड़ा था।

पहले वर्ल्ड कप में ही छोड़ी छाप, इसबार फ्रांस से बदला चुकाने का मौका

तब 1998 में फ्रांस में हुए वर्ल्ड कप में क्रोएशिया ने अपनी छाप छोड़ी थी। उसने जमैका, जापान, रोमानिया और जर्मनी को हराकर सेमीफाइनल में जगह पक्की की जहां उसका मुकाबला फ्रांस से हुआ। फ्रांस ने लिलियान थुराम के मैजिक के बूते उसे 2-1 से पराजित किया था। क्रोएशिया ने तीसरे और चौथे स्थान के मैच में नीदरलैंड्स को 2-1 से हराकर टूर्नमेंट से शानदार विदाई ली। यानी इसबार फाइनल में क्रोएशिया के पास 1998 का बदला चुकाने का मौका होगा।

1998 और 2010 ने खुद को दोहराया, तो क्रोएशिया मनाएगा जश्न

1998 के 20 साल बाद क्रोएशिया को पहली बार वर्ल्ड कप फाइनल में जगह मिली है। क्रोएशिया के फैंस को यहां यह बात खुशी देगी कि इससे पहले पिछले दो बार पहली बार फाइनल में पहुंचने वाली टीम ने फाइनल में जीत हासिल की है। इसमें फ्रांस (1998) और स्पेन (2010) का नाम शामिल है।

फ्रांस के साथ पूराना रिकॉर्ड क्रोएशिया के लिए चिंता की बात

अबतक फ्रांस और क्रोएशिया पांच बार भिड़ चुके हैं। इनमें से 3 बार फ्रांस को जीत मिली है और 2 बार मैच ड्रॉ रहा है। यह आंकड़ा क्रोएशिया के लिए चिंता की बात है।

और खेलों में भी कमाया नाम

क्रोएशिया के लोगों को खेलों में खासी रुचि है। उनकी हैंडबॉल की टीम ने वर्ल्ड चैंपियन का टाइनल जीतने के साथ-साथ दो बार ओलिंपिक में गोल्ड भी जीता है। उनकी वॉटर पोलो टीम भी वर्ल्ड चैंपियन है। इतना ही नहीं, टॉप बास्केटबॉल प्लेयर ड्रैजन पेट्रोविक, नैशनल बास्केटबॉल एसोसिएशन (NBA) स्टार टूनी कोकुक भी वहीं के हैं। टेनिस लेजंड गोरान इवानसेविक, मारीन क्लिक भी क्रोएशिया के हैं। क्रोएशिया की ब्लांका वलासिक भी हाइ जंप चैंपियन रही हैं।

टूरिजम से होती है कमाई
क्रोएशिया के 1 हजार के करीब द्वीप समूह सैलानियों को काफी रिझाते हैं। उनकी जीडीपी का कुल 20 प्रतिशत टूरिज्म से आता है। वहां की पर्वत श्रृंखला, नैशनल पार्क भी लोगों को आकर्षित करते हैं।

Print Friendly, PDF & Email

You May Also Like

   

     

     
error: Content is protected !!
%d bloggers like this: