इस विश्व कप में स्पेन की सबसे बड़ी ताकत युवा और अनुभवी खिलाडि़यों का मिश्रण है। उसके पास कई ऐसे खिलाड़ी हैं जिनके पास 100 से ज्यादा मैच खेलने का अनुभव है। स्पेन की टीम आमतौर पर 3-4-2-1 के फॉर्मेट में खेलती है, लेकिन कभी-कभी यह 4-2-3-1 के फॉर्मेट में भी खेलती है। स्पेन की टीम फील्ड पर काफी तेजी से गेंद को स्विच करती है। उसके खिलाड़ी टिकी-टाका स्टाइल में खेलते हैं, यानी बहुत तेजी से छोटे-छोटे पास के जरिये खेलते हैं।

स्पेन के पास हर पोजीशन पर खेलने के लिए विश्वस्तरीय खिलाड़ी मौजूद हैं और टीम अभी भी गेंद पर नियंत्रण बनाकर खेलना पसंद करती है। टीम के ज्यादातर खिलाड़ी बार्सिलोना और रीयल मैड्रिड के लिए खेलते है। नए कोच जुलेन लोप्तेगुई ने अपने कार्यकाल में अब तक स्पेन के खेलने के तरीके में कुछ खास बदलाव लाने का प्रयास नहीं किया है। क्वालीफाइंग दौर में टीम का प्रदर्शन शानदार रहा और स्पेन ने इस दौरान 10 में से नौ मुकाबले जीते, जबकि एक मैच ड्रॉ रहा।

स्पेन की टीम में कई बड़े नामों को शामिल नहीं किया गया है। चेल्सी के स्ट्राइकर एल्वारो मोराता को इंग्लैंड में उनके निराशाजनक प्रदर्शन के बाद विश्व कप की टीम से बाहर कर दिया गया, तो उनके साथी मार्कस अलोंसो भी बाहर हैं। बार्सिलोना के मिडफील्डर सर्गेई रोबर्टो को भी कोच ने टीम से बाहर रखा है। ऐसे दिग्गज खिलाडि़यों का टीम में नहीं होना उसकी सबसे बड़ी कमजोरी साबित हो सकता है।

गोलकीपर : डेविड डि गिया, पेपे रेना, केपा एरिजाबलागा

डिफेंडर : डानी कार्वाजल, अल्वारो ओड्रिजोला, जेरार्ड पिक, सर्जियो रामोस, नाचो, सेसर एजपिलिकुएटा, जॉर्डी अल्बा, नाचो मोनियल

मिडफील्डर : सर्जियो बास्किट्स, शाऊल निगेज, कोक, थिएगो अलकंतारा, आंद्रे इनेस्ता, डेविड सिल्वा

स्ट्राइकर : इस्को, मार्को असेंसियो, लुकास वाज्क्यूज, इगो अस्पस, रोड्रिगो, डिएगो कोस्टा

ग्रुप : बी, टीम : स्पेन

अन्य टीमें : पुर्तगाल, मोरक्को और ईरान

स्पेन का कार्यक्रम

15 जून बनाम पुर्तगाल

20 जून बनाम ईरान

25 जून बनाम मोरक्को