पहली बार हुई हिमाचल में बहने वाली गंगा नदी की आरती

हिमाचल में बहने वाली इस प्रमुख नदी की गंगा की तर्ज पर पहली बार आरती की गई। समुद्र तल से करीब 4600 मीटर की ऊंचाई पर स्थित सतलुज नदी पर बने नाथपा-झाकड़ी बांध पर सोमवार को पहली बार सतलुज की आरती की गई।

बनारस और हरिद्वार की गंगा आरती की तर्ज पर यह पहल सतलुज जल विद्युत निगम ने की है। पहली बार इस आयोजन से सतलुज नदी का आध्यात्मिक गौरव बनाए रखने की कोशिश की गई है।

साथ ही इस आरती के जरिये क्षेत्र में धार्मिक पर्यटन को भी बढ़ावा देने का प्रयास किया है। सतलुज आराधना कार्यक्रम के अवसर पर निगम के मुखिया नंदलाल शर्मा ने बताया कि दक्षिण पश्चिम तिब्बत में मानसरोवर के पश्चिम में राक्षस

ताल से उद्गम हुई सतलुज नदी करीब 400 किलोमीटर बहने के बाद किन्नौर के शिपकी में जास्कर पर्वत शृंखला को काटते हुए हिमाचल में प्रवेश करती है। इस नदी का बहाव दक्षिण पश्चिम की तरफ है और इसकी कुल लंबाई लगभग 1450 किलोमीटर है।

जानकारों के अनुसार ऋगवेद में भी इस नदी का उल्लेख सतलुज के पुराने नाम शुतुद्रि के तौर पर दर्ज है। बताया कि इस नदी पर नाथपा झाकड़ी हाईड्रो पावर स्टेशन, रामपुर जल विद्युत स्टेशन, करछम वांगटू प्रोजेक्ट जैसी हाईड्रो पावर परियोजनाएं हैं।

उम्मीद जताई कि आरती के बाद मिलने वाले सम्मान से नदी न सिर्फ लोगों की मनोकामनाओं को पूरा करेगी बल्कि सभी परियोजनाओं पर अपना आशीर्वाद बनाए रखेगी।

Print Friendly, PDF & Email

You May Also Like

   

     

     
error: Content is protected !!