राज ठाकरे के समर्थकों की गुंडागर्दी, मोदीमुक्त नारे के बाद तोड़े होटल और दुकानों के बोर्ड

महाराष्ट्र नव निर्माण सेना (मनसे) अध्यक्ष राज ठाकरे की पार्टी के कार्यकर्ताओं ने मुंबई-अहमदाबाद हाईवे पर गुजराती बोर्ड को तोड़ डाला। गुड़ी पाडवा के मौके पर शिवाजी पार्क में आयोजित रैली में राज ठाकरे ने मोदी मुक्त भारत की घोषणा की है।

राज ठाकरे के इस भाषण के बाद मनसे कार्यकर्ताओं ने देर रात गुजराती होटलों और दुकानों को निशाना बनाया है। राज ठाकरे ने अपने भाषण में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस सहित अभिनेता अक्षय कुमार पर भी हमला बोला।

उन्होंने विपक्ष का आह्वान किया कि मोदीमुक्त भारत बनाने के लिए सभी एकसाथ आएं। आगामी चुनाव भारत की तीसरी आजादी की लड़ाई है। भारत को पहली आजादी 1947 में मिली। आजादी की दूसरा संघर्ष 1977 में हुआ और अब 2019 के चुनाव में भारत को मोदी से मुक्ति के रूप में तीसरी आजादी की लड़ाई लड़ने के लिए तैयार रहना होगा।

राज ठाकरे ने कहा कि आगामी चुनावों को देखते हुए देश में धार्मिक दंगे कराए जा सकते हैं। वहीं, गुजरातियों को निशाना बनाते हुए उन्होंने कहा कि मुंबई-अहमदाबाद हाईवे पर अब भी होटलों और दुकानों पर मराठी में नहीं गुजराती में बोर्ड लगाए गए हैं।

सभा खत्म होने के बाद कुछ मनसे कार्यकर्ता इकट्ठा होकर मुंबई-अहमदाबाद हाईवे पर पहुंचे और होटल व दुकानों में गुजराती भाषा में लगे बोर्ड तोड़ डाले। मनसे प्रमुख ने शिवाजी पार्क की रैली में पीएम मोदी पर निशाना साधा और कहा कि भविष्य में सत्ता परिवर्तन होने पर यदि नोटबंदी की जांच हुई तो आजादी के बाद का यह देश का सबसे बड़ा घोटाला बनकर सामने आएगा।

राज ठाकरे ने कहा कि मोदी सरकार में बोफोर्स से बड़ा राफेल खरीद घोटाला हुआ है। मीडिया में यह खबर इसलिए नहीं आ रही है क्योंकि समाचार चैनलों और अखबारों पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह का दबाव हैं। वहीं, अक्षय कुमार पर निशाना साधते हुए राज ने कहा कि टायलेट एक प्रेम कथा और पैडमैन फिल्म सरकारी योजनाओं का गुप्त प्रचार था।

अक्षय कुमार मनोज कुमार के नक्शेकदम पर चलने की कोशिश कर रहे हैं लेकिन अक्षय भारतीय नागरिक नहीं हैं बल्कि उनके पास कनाडा का पासपोर्ट है। राज ठाकरे ने श्रीदेवी के अंतिम संस्कार पर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि श्रीदेवी महान अभिनेत्री थी लेकिन उन्होंने देश के लिए ऐसा क्या किया कि उनके शरीर को तिरंगे से लपेटा गया।

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