दिल्ली-NCR में आजआएगी आंधी, 5 राज्यों में चक्रवाती तूफान ‘सागर’ का खतरा

नई दिल्ली: दिल्ली-एनसीआर समेत खासकर उत्तर भारत के कई राज्यों में आंधी-तूफान से फिलहाल निजात मिलती नहीं दिखाई दे रही है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) की ओर से चक्रवाती तूफान ‘सागर’ को लेकर हाईअलर्ट जारी किया गया है। ये तूफान अदन की खाड़ी से शुरू हुआ है। गुरुवार को दिल्ली के मौसम खराब होने के पीछे कारण इस तूफान को ही बताया जा रहा है। कहा जा रहा है कि इससे दिल्ली-एनसीआर सीधे तौर पर प्रभावित नहीं होगा, लेकिन तूफान का आंशिक असर यहां पर भी होगा। वहीं, चक्रवात के चलते  यूपी, राजस्थान, दिल्ली, उसके आसपास, पश्चिमी यूपी, जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, पंजाब और हरियाणा में अगले कुछ दिनों में आंधी-तूफान आने की संभावना है।

 गुरुवार को भारतीय मौसम विज्ञान विभाग की वरिष्ठ अधिकारी डॉक्टर के. सथीदेवी ने बताया था कि अगले तीन दिनों तक दिल्ली-एनसीआर में धूल भरी आंधी का मौसम बना रहेगा। सथीदेवी के मुताबिक, जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, यूपी, राजस्थान, दिल्ली-एनसीआर के साथ उत्तर पश्चिम इलाकों में आंधी-तूफान आने की संभावना है। राजस्थान में भी कमोबेश ऐसे ही हालात रहेंगे। वहीं, इससे पहले दिल्ली में गुरुवार को भी दोपहर तक जहा गर्मी ने लोगों का दम निकाला, वहीं शाम को आधी ने और परेशानी बढ़ा दी। पालम में हवा की गति 64 किलोमीटर प्रति घटे रही।

मौसम विभाग के अनुसार, शुक्रवार और शनिवार को भी शाम या रात में आधी आएगी। इस दौरान हवा की गति 50 से 70 किलोमीटर प्रति घटे रह सकती है। लिहाजा, दिन में गर्मी परेशान करेगी। राजधानी में गुरुवार को औसत अधिकतम तापमान 41.8 डिग्री सेल्सियस रहा। सबसे गर्म क्षेत्र पालम रहा जहा तापमान 43.2 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। गुरुवार इस सीजन का सबसे गर्म दिन रहा। इससे पहले 15 मई को पालम में तापमान 43.8 डिग्री सेल्सियस।

मौसम विभाग के अनुसार शुक्रवार को तापमान 42 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। इस पूरे सप्ताह तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के ऊपर रहेगा। वहीं लगभग रोज आ रही आधी से परेशानी बढ़ती जा रही है।घरों में जहा रोज मिट्टी की मोटी परत जम रही है, वहीं स्थानीय निकायों के लिए आधी में गिरे पेड़ों को हटाना मुसीबत बन रहा है। गिरे हुए कई पेड़ अब भी ट्रैफिक के लिए समस्या बने हुए हैं। कई पेड़ काफी खतरनाक तरीके से गिरे हुए हैं। कुछ पेड़ अपनी जड़ों से हिलकर घरों, बिजली के तारों के सहारे टिके हुए हैं। इस वजह से भी लोग सहमे हुए हैं।

 

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