6 खाड़ी देशों ने लगाया हिजबुल्ला अमरीका पर प्रतिबंध

वॉशिंगटनः हिजबुल्ला नेतृत्व पर अमरीका और 6 खाड़ी देशों ने प्रतिबंध लगाने की घोषणा की है। ये कार्रवाई क्षेत्र में ईरान और उसके सहयोगियों पर आर्थिक दबाव बढ़ाने की अमरीका की कवायद का हिस्सा है। अमरीका और सऊदी अरब के नेतृत्व वाले टेररिस्ट फाइनेंसिंग एंड टार्गेटिंग सेंटर ने कहा कि प्रतिबंध हिजबुल्ला की शूरा काउंसिल को निशाना बनाकर लगाए गए हैं।

इस बीच, टीएफटीसी के छह खाड़ी देश सऊदी अरब, बहरीन, कुवैत, ओमान, कतर और संयुक्त अरब अमीरात ने हिज़बुल्लाह से संबद्व अन्य नौ लोगों और कंपनियों पर प्रतिबंधों की घोषणा की है. अमेरिका के वित्त विभाग ने पहले ही इन्हें काली सूची में डाल रखा है. यह दूसरी बार है जब वर्षों पुरानी टीएफटीसी संगठनों पर प्रतिबंधों की घोषणा करने के लिए एक साथ आई है

अमरीका और सऊदी अरब के नेतृत्व वाले आतंकवाद वित्तपोषण लक्षित केंद्र ने कहा कि प्रतिबंध हिजबुल्ला की शूरा काउंसिल को निशाना बनाकर लगाए गए हैं। यह लेबनान की शक्तिशाली मिलिशया की निर्णय लेने वाली काउंसिल है। शिया संगठन हिजबुल्ला के महासचिव हसन नसरल्ला और उप महासचिव नईम कासिम के साथ तीन अन्य शूरा काउंसिल सदस्यों पर प्रतिबंध लगा रखे हैं। इन सभी के नाम पर संपत्ति और वैश्विक वित्तीय नेटवर्कों पर प्रतिबंध लगाए गए हैं।

इस बीच, टीएफटीसी के छह खाड़ी देश सऊदी अरब, बहरीन, कुवैत, ओमान, कतर और संयुक्त अरब अमीरात ने हिजबुल्ला से संबंधित अन्य नौ लोगों और कंपनियों पर प्रतिबंधों की घोषणा की है। अमेरिका के वित्त विभाग ने पहले ही इन्हें ब्लैक लिस्ट में डाल रखा है। यह दूसरी बार है जब वर्षों पुरानी टीएफटीसी संगठनों पर प्रतिबंधों की घोषणा करने के लिए एक साथ आई है।

जानिए क्या है पूरा मामला
हिज्बुल्ला क्षेत्र में शक्तिशाली सैन्य शक्ति है और विभिन्न अंतरराष्ट्रीय हमलों में उसका हाथ होने की बात कही जाती है. उसका लेबनान की राजनीति में भी खासा दखल है. अमेरिका के कुछ सहयोगियों ने हिज्बुल्ला की सैन्य इकाई पर प्रतिबंध लगाए हैं जबकि समूह के राजनीतिक दल की भूमिका को स्वीकार कर लिया है. सरकार में कई लेबनानी शिया लोग इस पार्टी के प्रतिनिधि हैं.

Print Friendly, PDF & Email

You May Also Like

   

     

     
error: Content is protected !!