किम जोंग को ट्रंप की धमकी,छोड़ दो परमाणु हथियारों की जिद,

वाशिंगटन। कोरियाई प्रायद्वीप को परमाणु निरस्‍त्रीकरण कराने को लेकर अमेरिका के राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप ने उत्‍तर कोरियाई शासक किम जोंग उन को धमकी दी है। ट्रंप ने गुरुवार को किम को धमकी देते हुए कहा है कि अगले माह सिंगापुर के समिट में यदि उत्‍तर कोरिया डील पर सहमत नहीं होता है तो उन्‍हें भी वैसे ही संकट का सामना करना पड़ेगा जैसा कि लीबिया के नेता मुअम्‍मर गद्दाफी को करना पड़ा। 2011 में विद्रोहियों के हाथों गद्दाफी की हत्‍या कर दी गई थी।

उत्‍तर कोरिया ने दो दिन पहले ही दक्षिण कोरिया के साथ होने वाली उच्‍च स्‍तरीय वार्ता रद्द कर दी थी और अमेरिका के साथ अगले महीने होने वाली समिट को लेकर चेतावनी दी थी। ईरान के साथ परमाणु करार तोड़ने वाले अमेरिकी राष्ट्रपति 12 जून को सिंगापुर में उत्तर कोरिया के शासक किम जोंग उन से मिलेंगे।

अप्रैल 2018 में ट्रंप के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जॉन बॉल्टन ने एलान करते हुए कहा कि वह उत्तर कोरिया के निशस्त्रीकरण के लिए लीबिया मॉडल से प्रभावित हैं। सन 2000 के दशक में लीबिया के तत्कालीन शासक मुअम्मर गद्दाफी ने पश्चिमी दबाव के चलते परमाणु कार्यक्रम छोड़ दिया। अमेरिका-उत्‍तर कोरिया के 12 जून के समिट की खबरों के बीच गुरुवार को ट्रंप ने किम को दो विकल्‍प दिए- परमाणु निरस्‍त्रीकरण पर समझौता करे और सत्‍ता में रहे या फिर लीबियाई नेता मुअम्‍मर गद्दाफी की तरह संकट का सामना करें

उत्‍तर कोरिया परमाणु हथियारों को सुरक्षा के लिए आवश्‍यक मानता है और इसे खत्‍म करने को राजी नहीं है। इसे छोड़ने पर उसे अपना हाल भी गद्दाफी जैसा होने का अंदेशा है, जिन्‍होंने वर्ष 2000 के दशक में परमाणु कार्यक्रम छोड़ दिया था। ट्रंप ने कहा, ‘यदि डील नहीं होती है तो यहां भी लीबिया मॉडल अपनाया जाएगा।ओवल ऑफिस में नाटो महासचिव जेंस स्‍टॉलटेनबर्ग के साथ एक बैठक के दौरान ट्रंप ने ये बातें कहीं।

इस बीच, व्‍हाइट हाउस की प्रवक्‍ता डाना व्‍हाइट ने कहा कि अमेरिका और दक्षिण कोरिया के बीच सैन्‍य अभ्‍यास पहले से ही तय था और इसका मकसद ‘आत्‍मरक्षा’ और दोनों देशों के सुरक्षा बलों को किसी भी परिस्‍थति के लिए तैयार करना है।अमेरिका और दक्षिण कोरिया के सुरक्षा बलों के बीच सैन्‍य अभ्‍यास ‘मैक्स थंडर’ सोमवार को शुरू हुआ, जो 25 मई को समाप्‍त होगा। उत्‍तर कोरिया ऐसे सैन्‍य अभ्‍यासों को अपने खिलाफ ‘युद्ध की तैयारी’ के तौर पर देखता है।

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