NSG में पाक की एंट्री के सपने पर US ने फेरा पानी, 7 कंपनियों पर लगाया प्रतिबंध

आतंकवाद को पनाह देने को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप की नाराजगी झेल रहे पाकिस्तान के एक और सपने पर ट्रंप प्रशासन ने पानी फेर दिया है। ट्रंप प्रशासन ने 7 पाकिस्तानी कंपनियों को ऐसे संगठनों की सूची में शामिल किया है, जो परमाणु हथियारों के कारोबार में अमेरिका की सुरक्षा के लिए खतरा साबित हो सकते हैं। इस कदम से अब पाकिस्तान के न्यूक्लियर सप्लायर्स ग्रुप (NSG) में शामिल होने की कोशिशों पर रोक लग सकती है।

 पाकिस्तान के ‘डॉन न्यूज’ के मुताबिक, इस लिस्ट को यूएस ब्यूरो ऑफ इंडस्ट्री ऐंड सिक्यॉरिटी ने तैयार किया है। खबर के मुताबिक, ये सातों कंपनियां अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा या विदेशी हित के खिलाफ जाने वाली गतिविधियों में शामिल हैं या शामिल हो सकती हैं।
‘डॉन न्यूज’ की खबर के मुताबिक, यह कदम लगातार पाकिस्तान पर दबाव बनाने के लिए की जा रही कोशिशों के तहत किया गया है। बता दें कि अमेरिका ने जनवरी में ही पाकिस्तान को दी जाने वाली 2 अरब डॉलर की सुरक्षा सहायता पर रोक लगा दी थी। 7 कंपनियो में से 3 को असुरक्षित परमाणु गतिविधियों के प्रसार में उनकी भागीदारी को लेकर सूची में शामिल किया गया है, जो कि अमेरिका की विदेश नीति के हितों के खिलाफ है।
इस सूची में 23 कंपनियों को शामिल किया गया है। पाकिस्तानी कंपनियों के अलावा लिस्ट में दक्षिणी सूडान की 15 कंपनियां और 1 सिंगापुर की कंपनी भी शामिल हैं। इन सभी 23 कंपनियों को अब कड़े निर्यात नियमों का सामना करना पड़ेगा, जो उन्हें अंतरराष्ट्रीय व्यापार करने से रोक सकते हैं।
क्या है NSG?
NSG न्यूक्लियर सप्लायर देशों का एक समूह है। इसकी स्थापना 1974 में हुई थी। NSG में अमेरिका, रूस, फ्रांस और चीन समेत 48 सदस्य हैं। एनएसजी का मकसद परमाणु हथियार के प्रसार को रोकना है। इसके अलावा शांतिपूर्ण काम के लिए ही परमाणु सामग्री और तकनीक की सप्लाई की जाती है। न्यूक्लियर सप्लायर्स ग्रुप आम सहमति से काम करता है। सबसे अहम बात एनएसजी सदस्य के लिए परमाणु अप्रसार संधि पर हस्ताक्षर जरूरी है।
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