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दो महीने से वेतन का इंतजार कर रहे ट्रांसमिशन के संविदा कर्मचारी!: सितंबर की पेमेंट अटकी, दीपावली से पहले अक्टूबर का भुगतान कराने के दावों पर उठे सवाल

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अमेठी-सुल्तानपुर में संविदा कर्मचारियों की परेशानी बढ़ी, 220 केवी अमेठी उपकेंद्र के भुगतान को लेकर कर्मचारियों ने लगाए गंभीर आरोप

अमेठी/सुल्तानपुर। उत्तर प्रदेश में बिजली विभाग के संविदा कर्मचारियों की आर्थिक स्थिति को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। अमेठी और सुल्तानपुर डिवीजन के ट्रांसमिशन विभाग में कार्यरत संविदा कर्मचारियों का आरोप है कि सितंबर माह का वेतन अब तक उनके खातों में नहीं पहुंचा है। कर्मचारियों के मुताबिक, वेतन का इंतजार करते-करते दो महीने बीतने को हैं, लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों और संबंधित ठेकेदारों की ओर से कोई स्पष्ट जवाब नहीं मिल रहा है।

सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब सितंबर माह का भुगतान ही नहीं हुआ है, तो अक्टूबर माह का भुगतान दीपावली से पहले कराने के सरकारी दावों का कर्मचारियों को क्या लाभ मिलेगा? त्योहार के मौके पर जब परिवारों को आर्थिक सहारे की सबसे अधिक जरूरत होती है, तब वेतन के अभाव में संविदा कर्मचारी अपने परिवार का खर्च, बच्चों की पढ़ाई, मकान का किराया और रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करने के लिए परेशान हैं।

सरकारी दावे और जमीनी हकीकत में कितना अंतर?

कर्मचारियों का कहना है कि सरकार और विभाग की ओर से समय से वेतन भुगतान की बात कही जाती है। यहां तक कि अक्टूबर माह का भुगतान भी दीपावली से पहले करने की बात सामने आई, लेकिन सितंबर माह का बकाया अब तक नहीं मिला। ऐसे में कर्मचारियों के मन में सवाल है कि आखिर उनके वेतन भुगतान की जिम्मेदारी किसकी है? क्या त्योहार से पहले वेतन देने के आदेश केवल कागजों तक सीमित रह जाएंगे?

220 केवी अमेठी उपकेंद्र का मामला भी चर्चा में

220 केवी अमेठी उपकेंद्र से जुड़े संविदा कर्मचारियों ने अशोक वर्मा नामक व्यक्ति को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। कर्मचारियों का दावा है कि संबंधित व्यक्ति कई वर्षों से एक ही सर्किल में कार्यरत हैं और ठेकेदारी व्यवस्था में उनका प्रभाव बना हुआ है। कर्मचारियों ने आरोप लगाया है कि भुगतान में देरी और ठेकेदारी से जुड़ी व्यवस्थाओं के कारण उन्हें समय से वेतन नहीं मिल पा रहा है।

कुछ कर्मचारियों ने यह भी आरोप लगाया कि संबंधित व्यक्ति के लंबे समय तक एक ही स्थान पर बने रहने से कर्मचारियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और यदि किसी स्तर पर अनियमितता या लापरवाही सामने आती है तो संबंधित व्यक्ति के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाए।

हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और संबंधित व्यक्ति तथा विभागीय अधिकारियों का पक्ष सामने आना अभी बाकी है।

त्योहार पर भी खाली रहे कर्मचारियों के खाते!

कर्मचारियों का कहना है कि दीपावली जैसे बड़े त्योहार पर भी 220 केवी अमेठी से जुड़े कर्मचारियों को भुगतान नहीं मिल पाया। उनका सवाल है कि जब कर्मचारी दिन-रात बिजली व्यवस्था को सुचारु रखने में अपनी सेवाएं दे रहे हैं, तो उनके परिवारों को समय पर वेतन क्यों नहीं मिल रहा है?

कर्मचारियों ने यह भी मांग उठाई है कि लंबे समय से एक ही सर्किल में तैनात कर्मचारियों का नियमानुसार स्थानांतरण किया जाए, ताकि किसी एक स्थान पर लंबे समय तक प्रभाव या एकाधिकार की स्थिति न बने।

उच्च अधिकारियों और शासन से सीधी मांग

अमेठी और सुल्तानपुर के संविदा कर्मचारियों ने उच्च अधिकारियों तथा शासन से मांग की है कि:

  1. सितंबर माह का लंबित वेतन तत्काल जारी कराया जाए।

  2. अक्टूबर माह का भुगतान भी निर्धारित समय पर सुनिश्चित किया जाए।

  3. 220 केवी अमेठी उपकेंद्र के भुगतान में देरी की निष्पक्ष जांच कराई जाए।

  4. ठेकेदारी व्यवस्था में किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर जिम्मेदार लोगों के विरुद्ध कार्रवाई हो।

  5. लंबे समय से एक ही सर्किल में तैनात कर्मचारियों की तैनाती की समीक्षा कर नियमानुसार स्थानांतरण किया जाए।

  6. भविष्य में संविदा कर्मचारियों का वेतन प्रत्येक माह निर्धारित समय पर उनके बैंक खातों में भेजने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।

सबसे बड़ा सवाल यह है कि बिजली व्यवस्था को चलाने वाले संविदा कर्मचारियों के घरों का चूल्हा आखिर कैसे जलेगा? सरकार और विभाग त्योहारों पर समय से भुगतान की बात करते हैं, लेकिन जब कर्मचारियों को पिछले महीने का ही वेतन नहीं मिला तो इन दावों की जमीनी हकीकत पर सवाल उठना स्वाभाविक है।

अब देखना यह है कि ऊर्जा विभाग के उच्च अधिकारी और शासन इस मामले का संज्ञान लेकर कर्मचारियों को उनका बकाया वेतन कब तक दिलाते हैं, या फिर संविदा कर्मचारियों को अपनी मेहनत की कमाई के लिए इसी तरह इंतजार करना पड़ेगा।

UPPCL MEDIA की मांग: संविदा कर्मचारियों का लंबित वेतन तत्काल जारी हो और भुगतान में देरी के लिए जिम्मेदार व्यवस्था की जवाबदेही तय की जाए।

नोट: यह समाचार संविदा कर्मचारियों से प्राप्त शिकायतों एवं आरोपों पर आधारित है। संबंधित अधिकारियों और अशोक वर्मा का पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।

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खबर प्रकाशित

2 Nov, 09:33 am

अमेठी-सुल्तानपुर में संविदा कर्मचारियों की परेशानी बढ़ी, 220 केवी अमेठी उपकेंद्र के भुगतान को लेकर कर्मचारियों...

आगे की रिपोर्ट आने पर यहीं जुड़ेगी। अभी समाधान की पुष्टि नहीं हुई है।

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