नई दिल्ली। संसद का मानसून सत्र 20 जुलाई से शुरू होने जा रहा है। सत्र से पहले महाराष्ट्र की राजनीति को लेकर नई चर्चाओं ने जोर पकड़ लिया है। विश्वसनीय सूत्रों के हवाले से दावा किया जा रहा है कि राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) [NCP-SP] केंद्र सरकार के दो अहम विधेयकों—महिला आरक्षण विधेयक और परिसीमन (Delimitation) विधेयक—के पक्ष में मतदान कर सकती है।
सूत्रों के अनुसार, लोकसभा में 8 सांसदों वाली NCP-SP फिलहाल राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) में औपचारिक रूप से शामिल होने के बजाय, मुद्दों के आधार पर सरकार का समर्थन करने की रणनीति पर विचार कर रही है। बताया जा रहा है कि पार्टी के भीतर एक धड़ा केंद्र सरकार के साथ जाने का पक्षधर है। ऐसे में संभावित टूट को टालने के लिए नेतृत्व ने फिलहाल केवल महत्वपूर्ण विधेयकों का समर्थन करने की रणनीति अपनाई है।
उद्धव ठाकरे के बाद अब NCP-SP पर भी नजर
हाल के दिनों में महाराष्ट्र की राजनीति में लगातार बदलाव देखने को मिले हैं। शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) में हुई राजनीतिक हलचल के बाद अब NCP-SP के कुछ नेताओं के भी पाला बदलने की चर्चाएं राजनीतिक गलियारों में तेज हैं। हालांकि, इस संबंध में पार्टी की ओर से कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
NCP में पहले भी हो चुकी है बड़ी टूट
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के संस्थापक शरद पवार को अपने लंबे राजनीतिक जीवन में कई बार संगठनात्मक चुनौतियों का सामना करना पड़ा है।
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नवंबर 2019: अजित पवार ने अचानक देवेंद्र फडणवीस सरकार में उपमुख्यमंत्री पद की शपथ लेकर राजनीतिक हलचल मचा दी थी। हालांकि, यह प्रयोग कुछ ही दिनों में समाप्त हो गया और शरद पवार ने संगठन को एकजुट रखा।
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2 जुलाई 2023: पार्टी में सबसे बड़ी टूट तब हुई, जब अजित पवार अपने समर्थक विधायकों के साथ अलग हो गए और महाराष्ट्र सरकार में शामिल हो गए। बाद में चुनाव आयोग ने अजित पवार गुट को ही मूल NCP का दर्जा और पार्टी का चुनाव चिन्ह "घड़ी" प्रदान किया। इसके बाद शरद पवार के नेतृत्व वाले गुट ने राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी–शरदचंद्र पवार (NCP-SP) के नाम से नई राजनीतिक पहचान बनाई।
राजनीतिक नजरें मानसून सत्र पर
यदि NCP-SP वास्तव में सरकार के इन महत्वपूर्ण विधेयकों का समर्थन करती है, तो इसे महाराष्ट्र की राजनीति और विपक्षी एकजुटता के लिहाज से महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना जाएगा। हालांकि, पार्टी की ओर से अभी तक इस संबंध में कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। ऐसे में सभी की नजरें संसद के मानसून सत्र और NCP-SP के अंतिम रुख पर टिकी हुई हैं।
(नोट: यह खबर राजनीतिक सूत्रों के हवाले से सामने आई चर्चाओं पर आधारित है। महिला आरक्षण एवं परिसीमन विधेयकों पर NCP-SP के रुख को लेकर आधिकारिक घोषणा का इंतजार है।)
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