लखनऊ। उत्तर प्रदेश पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (UPPCL) से बर्खास्त किए गए कर्मचारी राघवेन्द्र प्रताप को इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ से राहत मिली है। न्यायालय ने UPPCL और अन्य प्रतिवादियों को चार सप्ताह के भीतर काउंटर एफिडेविट (जवाबी हलफनामा) दाखिल करने का निर्देश दिया है।
मामला रिट-ए संख्या 5375/2026 (Raghvendra Pratap vs. U.P. Power Corporation Ltd. & Others) से संबंधित है, जिसकी सुनवाई माननीय न्यायमूर्ति श्रीमती संगीता चंद्रा की एकल पीठ ने की।
याचिकाकर्ता राघवेन्द्र प्रताप की ओर से अधिवक्ता उपेन्द्र कुमार सागर, कौशेन्द्र प्रताप सिंह एवं प्रताप सिंह ने न्यायालय में पक्ष रखा। वहीं, प्रतिवादियों की ओर से अधिवक्ता मनीष जौहरी एवं आलोक सारन उपस्थित रहे।
याचिका में कर्मचारी ने 23 जून 2025 तथा 15 अप्रैल 2026 के बर्खास्तगी आदेशों को चुनौती देते हुए उन्हें निरस्त करने की मांग की है। साथ ही, याचिकाकर्ता ने न्यायालय से अनुरोध किया है कि उसे पूर्व पद पर कार्य करने की अनुमति दी जाए तथा नियमानुसार वेतन और अन्य सेवा लाभ प्रदान किए जाएं।
हाईकोर्ट ने प्रतिवादियों को चार सप्ताह के भीतर जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है। इसके बाद याचिकाकर्ता को एक सप्ताह में प्रत्युत्तर (Rejoinder Affidavit) दाखिल करने का अवसर दिया जाएगा। न्यायालय ने मामले को जुलाई 2026 के दूसरे सप्ताह में अगली सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया है।
UPPCL MEDIA इस मामले से जुड़े सभी महत्वपूर्ण घटनाक्रमों और अगली सुनवाई की जानकारी अपने पाठकों तक पहुंचाता रहेगा।
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